मर्सिडीज अपने ड्राइवर जॉर्ज रसेल की कार में हाल के रेस के दौरान आई तकनीकी और प्रदर्शन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए तेजी से काम कर रही है। ऊर्जा वितरण (एनर्जी डिप्लॉयमेंट) से जुड़ी परेशानियां पहली बार सिल्वरस्टोन में सामने आई थीं और बेल्जियम ग्रैंड प्रिक्स (स्पा-फ्रैंकोरचैम्प्स) में यह काफी बढ़ गईं। इसके कारण ब्रिटिश ड्राइवर को सीधी सड़कों (स्ट्रैट्स) पर गति का नुकसान उठाना पड़ा। क्वालीफाइंग में जहां उनके साथी ड्राइवर किमी एंटोनेली ने पोल पोजीशन हासिल की, वहीं रसेल चौथे स्थान पर रहे।
शुरुआती जांच से संकेत मिला था कि दोनों ड्राइवरों की ड्राइविंग शैली में अंतर एक मुख्य कारण था। रसेल ने स्पा रेस से पहले अपने थ्रॉटल इस्तेमाल और ड्राइविंग स्टाइल में बदलाव किया था। इसके बावजूद दोनों कारों के बीच ऊर्जा वितरण में अंतर बना रहा। मर्सिडीज के डिप्टी टेक्निकल डायरेक्टर सिमोन रेस्टा ने कहा कि 2026 के नए तकनीकी नियमों के तहत अभी केवल 10 रेस ही पूरी हुई हैं, इसलिए ऊर्जा प्रणाली के सभी पहलुओं को पूरी तरह समझना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इसके अलावा, बेल्जियम जीपी के पहले ही लैप में केमेल स्ट्रैट पर एक सॉफ्टवेयर खराबी के कारण मर्सिडीज की दोनों कारों को इलेक्ट्रिकल पावर मिलना बंद हो गया। रसेल ने अपनी स्पीड खो दी और प्रतिस्पर्धियों से पीछे हो गए, जिसके बाद लुईस हैमिल्टन के साथ टक्कर होने के कारण उन्हें रेस से बाहर होना पड़ा। मर्सिडीज अब हंगरी ग्रैंड प्रिक्स से पहले इन समस्याओं के मूल कारण का समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
चित्र: PlanetF1
Derin Armutcu
Victorum News bünyesinde küresel spor medyasını, gündemi ve SEO odaklı içerikleri yöneten bir haber yazarı. İstanbul Üniversitesi Siyaset Bilimi ve Uluslararası İlişkiler bölümündeki akademik arka planımı, dijital medyanın dinamizmi ve analitik düşünce yapısıyla birleştiriyorum.
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